तिलोई पाकरगांव सामूहिक गैंगरेप मामले में तीन को जेल,चार फरार

खबर का असर..

पाकरगांव सामूहिक गैंगरेप मामले में तीन को जेल,चार फरार

—बिगत 2 मई को पाकरगांव में एक शादी समारोह के दौरान 7 लोगों ने नवविवाहिता को बनाया था अपनी हवस का शिकार—

“” महिला आयोग के हस्ताक्षेप पर नींद से जागे क्षेत्राधिकारी तिलोई ने कथित दलाल व अपने आप को बड़ा नेता मानने वाले तिलोई के चंद छुटभैय्या नेताओं की दलीलें ठुकराकर गैंगरेप पीड़िता के साथ किया इंसाफ “

तिलोई/अमेठी- कोतवाली मोहनगंज क्षेत्र की ग्राम सभा पाकरगांव में बिगत 2 मई को एक शादी समारोह के दौरान सात लोगों द्वारा देर रात्रि नवविवाहिता को गांव स्थित छोटी नहर माइनर में जबरन उठाकर ले जाकर बारी बारी से दुराचार किया था

देर रात्रि ही डायल 100 नं. की मदद से पीड़िता को कोतवाली पहुंचाया गया था उक्त सनसनीखेज प्रकरण राज्य मंत्री सुरेश पासी की ग्राम सभा का होने के कारण स्थानीय पुलिस से लेकर सम्पूर्ण तंत्र पीड़िता को चरित्रहीन बताकर आरोपियों के बचाव में लग गया था जिसका नतीजा यह रहा कि पुलिस ने उक्तत गैंगरेप को सिर्फ 354 व एससीएसटी में दर्ज कर इतिश्री कर लिया था अकेले रायबरेली न्यूज़ ने मजलूम गैंगरेप पीड़िता की आवाज बन अपने 4 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तब से लेकर लगातार अंत तक रायबरेली न्यूज़ मजलूम पीड़िता की आवाज बना रहा।
छुटभैय्या नेताओं की रणनीति का हिस्सा था पाकरगांव गैंगरेप कांड–
उपरोक्त गैंग रेप कांड को स्थानीय अक्लमंद छुटभैय्या नेताओं द्वारा बीते लोक सभा चुनाव में पूरी तरह भुनाने का था तभी तो गैंग रेप की शिकार पीड़िता को जमीन व रूपये का लालच देकर यह सिखाया जा रहा था मुख्य आरोपियों का नाम बताकर आशापुर रूरू के साथ मुस्लिम लड़कों का नाम पुलिस के सामने बयान कर दे लेकिन पीड़िता ने कथित दलालों नेताओं की उनकी उस निकम्मी दलील को ठुकरा दिया था।
उक्त गैंगरेप में स्थानीय पुलिस वह भी खासकर तिलोई क्षेत्राधिकारी कार्यालय की भी भूमिका संदेह के दायरे में थी सूत्रों के मुताबिक क्षेत्राधिकारी कार्यालय भी लगातार पीड़िता को सुलह होने का दबाव बनाता रहा है तभी तक हारकर पीड़िता ने राज्य महिला आयोग में जाकर इंसाफ की भीख मांगी थी तब जाकर महिला आयोग के बड़े दखल के बाद कुम्भकर्णी नींद से जागी पुलिस उक्त प्रकरण मे उचित कार्यवाही करने की सोचीं है सूत्रों के मुताबिक उक्त गैंग रेप क्षेत्राधिकारी कार्यालय के लिए एक दुधारू गाय बन गया था जिसमें गैंगरेप के आरोपी दलालों के मार्फत समय समय पर 20 व 25,25 हजार रूपये की वसूली मामला दबाने के नाम पर देते रहे हैं।
उक्त सामूहिक गैंगरेप कांड मे मोहनगंज पुलिस ने 376 (डी) की धारा का संसोधन करते हुए लल्लन पुत्र गया प्रसाद (30वर्ष)पूरे महादेव,राकेश कुमार पुत्र कन्हैया पासी(21वर्ष)पूरे विश्राम,तथा लवकुश पुत्र दुर्योधन (18वर्ष) निवासी पूरे विश्राम सभी मजरे पाकरगांव कोतवाली मोहनगंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है
–सबसे अहम सवाल—
गरीब,असहाय,मजलूम व बेसहारा तबके के आरोपियों को मामूली व 354 तथा एससीएसटीएक्ट जैसी संगीन धाराओं में नामजद आरोपियों को तत्काल जेल भेजने वाली मोहनगंज पुलिस आखिरकार इस सनसनी खेज गैंगरेप कांड के आरोपियों पर महीनों क्यों मेहरबान थी आखिर किसके इशारे पर संगीन मुकदमे के आरोपी अभी तक स्वतंत्र घूम रहे थे इससे यह साबित होता है कि कोतवाली मोहनगंज में सत्ताधारी नेताओं के दबाव में चेहरा व हैसियत देखकर मुकदमो में लगी धाराओं मे हेरा फेरी जरूर की जाती है।
संवाददाता
धर्मराज रावत ।

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