गैंगरेप के आरोपी प्रधानपति को क्लीनचिट देने पर हाईकोर्ट के कड़े तेवर

गैंगरेप के आरोपी प्रधानपति को क्लीनचिट देने पर हाईकोर्ट के कड़े तेवर

— पुलिस अधीक्षक अमेठी को मय शपथ पत्र के साथ दो सप्ताह के भीतर कोर्ट में हाजिर होने के आदेश–

–दो माह पूर्व प्रधानपति जयप्रकाश त्रिपाठी व अरून कुमार वर्मा ने रायबरेली स्थित निजी आवास पर 15 वर्षीय नाबालिक को गांव से बहलाफुसलाकर ले जाकर किया था सामूहिक दुष्कर्म–

–मोटी रकम की एवज में जायस पुलिस ने आरोपी जयप्रकाश त्रिपाठी द्वारा पीड़िता के असली 164 के बयान के बजाय जाली 164 के बयान के आधार पर दिया है क्लीनचिट–

तिलोई/अमेठी- कोतवाली जायस क्षेत्र अन्तर्गत की रहने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिक के साथ प्रधानपति व एक सहयोगी द्वारा बहला फुसलाकर रायबरेली स्थित निजी आवास पर बन्धक बनाकर जबरन दुष्कर्म करने की घटना में नामजद अभियुक्त प्रधानपति जयप्रकाश त्रिपाठी को क्लीनचिट मिलने पर हाई कोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ ने कड़ा रूख अख्तियार किया है हाई कोर्ट ने एसपी अमेठी को दो सप्ताह के अन्दर मय सपथ पत्र के साथ न्यायालय मे पेस होकर जबाव देने को कहा है
ज्ञात हो कि बिगत जून माह में जायस थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिक को बहला फुसलाकर रायबरेली ले जाकर दो लोगों द्वारा बंधक बनाकर जबरन दुष्कर्म किया गया था
उस वक्त जायस पुलिस पीड़िता द्वारा नामजद किए गये आरोपी जयप्रकाश त्रिपाठी से सांठगांठ कर घटना को पूरी तरह से दबाने का प्रयास किया था लेकिन मीडिया के दखल के बाद जायस पुलिस आनन फानन दो आरोपियों के खिलाफ मुअसं 134/19 धारा 376 डी,504,3/4 पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था
उक्त प्रकरण में जायस पुलिस अभियुक्त जयप्रकाश त्रिपाठी से सांठगांठ कर दूसरे अभियुक्त अरून कुमार वर्मा पुत्र लालबहादुर निवासी अस्तानगर को जेल भेज कर मुख्य अभियुक्त दबंग प्रधानपति मोहना जयप्रकाश त्रिपाठी को गैंगरेप कांड से क्लीनचिट दे दिया था जायस पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी अभियुक्त जयप्रकाश त्रिपाठी को गैंगरेप जैसे गम्भीर प्रकरण में क्लीनचिट देने के मामले को हाई कोर्ट की लखनऊ खण्डपीठ ने गम्भीरता से लिया है हाईकोर्ट के दो जजों वाली खण्डपीठ ने एसपी अमेठी से क्लीनचिट मामले में दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत होकर शपथ पत्र के साथ जबाव मांगा है
ज्ञात हो कि गैंगरेप की शिकार पीड़िता ने जायस पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी प्रधानपति जयप्रकाश त्रिपाठी को मुकदमे से क्लीनचिट देने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका संख्या 21247/2019 दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सबीहुल हसनैन तथा नरेन्द्र कुमार जौहरी की दो जजों वाली खण्डपीठ ने नीलम बनाम स्टेट उ.प्र.धारा अन्तर्गत 376डी 506 व 3/4 पास्को एक्ट में पुलिस अधीक्षक अमेठी को दो सप्ताह के भीतर सपथ पत्र के साथ न्यायालय मे पेस होने को कहा है
हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि पीड़िता द्वारा कोर्ट में 164 के बयान में अभियुक्त जयप्रकाश त्रिपाठी का नाम होने के बावजूद जायस पुलिस ने किस आधार पर अभियुक्त जयप्रकाश त्रिपाठी का नाम चार्जशीट से हटाया है सूत्रों के मुताबिक आरोपी प्रधानपति ने स्थानीय सत्तापक्ष के एक नेता के सहारे अमेठी की नव निर्वाचित सांसद स्मृति जुबिन ईरानी के पास पहुंच कर पुलिस पर दबाव बनवाकर दुष्कर्म कांड से क्लीनचिट लिया है
जिसको लेकर आम जनमानस में आपस मे यह सवाल करते साफ देखा जा रहा है कि जनपद अमेठी का एक महिला द्वारा प्रतिनिधित्व करने के बावजूद अमेठी में सुरक्षित नहीं हैं महिलाएं व बेटियां।

संवाददाता:

धर्मराज रावत

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